॥ यात्रा मार्गदर्शिका ॥
परिक्रमा मार्गदर्शिका
84 कोश यात्रा के दिवस-वार पड़ाव व मार्ग
परंपरागत 84 कोश परिक्रमा पैदल, नंगे पावन, ब्रज की पावन धूल में की जाती है। प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय मंदिरों के दर्शन व आरती का विधान है। नीचे प्रमुख पड़ावों का मार्ग दिया गया है — अनुभवी मार्गदर्शक या स्थानीय परिक्रमा दल के साथ यात्रा सर्वोत्तम रहती है।
मथुरा ──> चौमुहां ──> छाता
छाता ──> कोकिलावन ──> कोटवन (ब्रज सीमा)
नंदगांव ──> बरसाना ──> कामां (कामवन)
कामवन ──> डीग ──> गोवर्धन
गोवर्धन ──> राधाकुंड ──> रावल
गोवर्धन/रावल ──> गोकुल ──> महावन
महावन ──> भांडीरवन ──> मानसरोवर ──> वृंदावन ──> मथुरा विश्राम घाट (पूर्णाहुति)
यात्री सुविधा सुझाव
परिक्रमा समय
परम्परागत रूप से 40–60 दिवस; सुविधा अनुसार कुछ प्रमुख क्षेत्रों का चयनकर छोटी परिक्रमाएं भी प्रचलित हैं।
नंगे पैर मर्यादा
ब्रज धूल का सम्मान — परिक्रमा परम्परागत रूप से नंगे पैर होती है; आरामदायक चाल और सुबह के समय प्रारंभ करें।
स्थानीय मार्गदर्शक
वनों के मार्ग जटिल होते हैं — स्थानीय परिक्रमा दल या अनुभवी गाइड के साथ यात्रा करें।
आवास व भोजन
प्रत्येक पड़ाव पर धर्मशालाएं व आश्रम उपलब्ध; मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन व बरसाना में अच्छी सुविधाएं हैं।