॥ यात्रा मार्गदर्शिका ॥

परिक्रमा मार्गदर्शिका

84 कोश यात्रा के दिवस-वार पड़ाव व मार्ग

परंपरागत 84 कोश परिक्रमा पैदल, नंगे पावन, ब्रज की पावन धूल में की जाती है। प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय मंदिरों के दर्शन व आरती का विधान है। नीचे प्रमुख पड़ावों का मार्ग दिया गया है — अनुभवी मार्गदर्शक या स्थानीय परिक्रमा दल के साथ यात्रा सर्वोत्तम रहती है।

1
पड़ाव 1

मथुरा ──> चौमुहां ──> छाता

2
पड़ाव 2

छाता ──> कोकिलावन ──> कोटवन (ब्रज सीमा)

3
पड़ाव 3

नंदगांव ──> बरसाना ──> कामां (कामवन)

4
पड़ाव 4

कामवन ──> डीग ──> गोवर्धन

5
पड़ाव 5

गोवर्धन ──> राधाकुंड ──> रावल

6
पड़ाव 6

गोवर्धन/रावल ──> गोकुल ──> महावन

7
पड़ाव 7

महावन ──> भांडीरवन ──> मानसरोवर ──> वृंदावन ──> मथुरा विश्राम घाट (पूर्णाहुति)

यात्री सुविधा सुझाव

परिक्रमा समय

परम्परागत रूप से 40–60 दिवस; सुविधा अनुसार कुछ प्रमुख क्षेत्रों का चयनकर छोटी परिक्रमाएं भी प्रचलित हैं।

नंगे पैर मर्यादा

ब्रज धूल का सम्मान — परिक्रमा परम्परागत रूप से नंगे पैर होती है; आरामदायक चाल और सुबह के समय प्रारंभ करें।

स्थानीय मार्गदर्शक

वनों के मार्ग जटिल होते हैं — स्थानीय परिक्रमा दल या अनुभवी गाइड के साथ यात्रा करें।

आवास व भोजन

प्रत्येक पड़ाव पर धर्मशालाएं व आश्रम उपलब्ध; मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन व बरसाना में अच्छी सुविधाएं हैं।