॥ श्री गिरिराज की परिक्रमा भूमि ॥

गोवर्धन व राधाकुंड

दानघाटी, मानसी गंगा, जतीपुरा मुखारविंद, राधाकुंड-श्यामकुंड, कुसुम सरोवर व पुंछरी का लोटा — गिरिराज की अति-पवित्र भूमि।

6 विरासत स्थल

1

श्री गिरिराज दानघाटी मंदिर

श्री गिरिराज दानघाटी

जहाँ बाल कृष्ण ने गोपियों से दान (माखन-दही का कर) लिया था — गोवर्धन परिक्रमा का प्रमुख स्थल।

📍 गोवर्धन परिक्रमा मार्ग

2

जतीपुरा श्रीनाथजी व मुखारविंद मंदिर

श्रीनाथजी मुखारविंद

महाप्रभु वल्लभाचार्य की बैठक व श्रीनाथजी का मूल प्राकट्य स्थल।

📍 जतीपुरा, गोवर्धन

3

राधाकुंड एवं श्यामकुंड

राधाकुंड / श्यामकुंड

अरिष्टासुर वध के पश्चात श्री राधा-कृष्ण द्वारा अपने कंकणों से निर्मित कुंड — कार्तिक बहुलाष्टमी स्नान का विशेष महत्व।

📍 राधाकुंड, गोवर्धन

4

कुसुम सरोवर व छतरियां

कुसुम सरोवर

राजा सूरजमल (भरतपुर) द्वारा निर्मित भव्य मराठा-राजपूत स्थापत्य की छतरियां।

📍 गोवर्धन परिक्रमा मार्ग

5

श्री हरदेव मंदिर

श्री हरदेव जी

गोवर्धन का अति-प्राचीन मंदिर — स्वामी हरिदास जी के पूर्वजों की आराधना स्थली।

📍 गोवर्धन

6

पुंछरी का लोटा

श्री गिरिराज

गोवर्धन परिक्रमा की दक्षिणी सीमा — कृष्ण के परम मित्र लोटा बाबा का निवास स्थान।

📍 गोवर्धन

पूरी मंदिर डायरेक्टरी परिक्रमा मार्गदर्शिका