श्री गिरिराज दानघाटी मंदिर
श्री गिरिराज दानघाटी
जहाँ बाल कृष्ण ने गोपियों से दान (माखन-दही का कर) लिया था — गोवर्धन परिक्रमा का प्रमुख स्थल।
॥ श्री गिरिराज की परिक्रमा भूमि ॥
दानघाटी, मानसी गंगा, जतीपुरा मुखारविंद, राधाकुंड-श्यामकुंड, कुसुम सरोवर व पुंछरी का लोटा — गिरिराज की अति-पवित्र भूमि।
6 विरासत स्थल
श्री गिरिराज दानघाटी
जहाँ बाल कृष्ण ने गोपियों से दान (माखन-दही का कर) लिया था — गोवर्धन परिक्रमा का प्रमुख स्थल।
श्रीनाथजी मुखारविंद
महाप्रभु वल्लभाचार्य की बैठक व श्रीनाथजी का मूल प्राकट्य स्थल।
राधाकुंड / श्यामकुंड
अरिष्टासुर वध के पश्चात श्री राधा-कृष्ण द्वारा अपने कंकणों से निर्मित कुंड — कार्तिक बहुलाष्टमी स्नान का विशेष महत्व।
कुसुम सरोवर
राजा सूरजमल (भरतपुर) द्वारा निर्मित भव्य मराठा-राजपूत स्थापत्य की छतरियां।
श्री हरदेव जी
गोवर्धन का अति-प्राचीन मंदिर — स्वामी हरिदास जी के पूर्वजों की आराधना स्थली।
श्री गिरिराज
गोवर्धन परिक्रमा की दक्षिणी सीमा — कृष्ण के परम मित्र लोटा बाबा का निवास स्थान।