ब्रज चौरासी कोश का महत्व
ब्रज मंडल का क्षेत्रफल परंपरागत रूप से 84 कोश (लगभग 252 किमी) माना जाता है — यह वह भूमि है जहाँ श्री कृष्ण ने अपनी सम्पूर्ण लीलाएं कीं। इसमें 12 वन, 24 उपवन, 432 कुंड/सरोवर, 4 प्रमुख धाम और 108 से अधिक मुख्य मंदिर सम्मिलित हैं।
यह परिक्रमा केवल भौगोलिक भ्रमण नहीं है — यह भक्ति का आत्मिक मार्ग है, जहाँ यात्री नंगे पैर, ब्रज की धूल में, श्री राधा-कृष्ण की लीला स्थलियों का स्पर्श करते हैं।
परंपरागत नियम
परिक्रमा प्रायः गुरु-परंपरा या अनुभवी मार्गदर्शक के साथ की जाती है। परिक्रमा के दौरान ब्रज की धूल का सम्मान, प्रत्येक वन में एक रात्रि विश्राम, और प्रत्येक स्थल पर आरती-वंदन का विधान है।