॥ मंदिर कोष ॥

84 कोश मंदिर डायरेक्टरी

ब्रज मंडल के समस्त विरासत मंदिरों का प्रामाणिक विवरण

1

श्री कृष्ण जन्मभूमि (गर्भ गृह)

मथुरा मंडल · श्री कृष्ण बाल स्वरूप

भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य स्थल — कंस का कारागार। आधुनिक व प्राचीन वास्तुकला, अति-सुरक्षित परिसर।

📍 मथुरा शहर केंद्र

2

श्री द्वारकाधीश मंदिर

मथुरा मंडल · श्री द्वारकाधीश

राजाधिराज रूप में भगवान कृष्ण की पूजा; 1814 ई. में सेठ गोकुलदास द्वारा निर्मित। राजस्थानी-मराठा स्थापत्य, हिंडोला उत्सव प्रसिद्ध।

📍 विश्राम घाट के निकट

3

विश्राम घाट व यमुना मंदिर

मथुरा मंडल · यमुना महारानी

कंस वध के पश्चात भगवान कृष्ण का विश्राम स्थल। लाल बलुआ पत्थर के घाट; नित्य संध्या भव्य यमुना आरती।

📍 यमुना तट

4

दीर्घ विष्णु मंदिर

मथुरा मंडल · श्री विष्णु / वामन स्वरूप

मथुरा की चार दिशाओं के रक्षक देवताओं में से एक — प्राचीन वैष्णव पीठ।

📍 मथुरा

5

भूतेश्वर महादेव मंदिर

मथुरा मंडल · भूतेश्वर महादेव

मथुरा के चार दिग्पालों में से एक (उत्तर दिशा के रक्षक) — अति-प्राचीन स्वयंभू शिव पीठ।

📍 मथुरा

6

महाविद्या देवी मंदिर

मथुरा मंडल · महाविद्या देवी

कंस की कुलदेवी और तंत्र साधना का प्राचीन केंद्र — शक्तिपीठ परंपरा।

📍 मथुरा

7

केशवदेव मंदिर

मथुरा मंडल · श्री केशवदेव

मूल जन्मभूमि परिसर के समीप स्थापित प्राचीन मंदिर — गुप्तकालीन व मराठाकालीन अवशेषों पर पुनर्निर्मित।

📍 मथुरा

8

श्री बांके बिहारी मंदिर

वृंदावन मंडल · श्री बांके बिहारी (त्रिभंगी)

स्वामी हरिदास जी की निधि; संवत् 1921 (1864 ई.) में निर्मित। पर्दे के माध्यम से झांकी दर्शन; घंटी-घड़ियाल नहीं बजता।

📍 वृंदावन

9

श्री राधा रमण मंदिर

वृंदावन मंडल · श्री राधा रमण

संवत् 1599 में गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा शालिग्राम शिला से प्रकटित विग्रह — 500 वर्षों से अनवरत अग्नि पर प्रसाद।

📍 वृंदावन

10

श्री गोविंद देव जी मंदिर

वृंदावन मंडल · श्री गोविंद देव जी

राजा मानसिंह द्वारा 1590 ई. में लाल बलुआ पत्थर से निर्मित 7-मंजिला भव्य मंदिर — मध्यकालीन स्थापत्य का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण।

📍 वृंदावन

11

श्री मदन मोहन मंदिर

वृंदावन मंडल · श्री मदन मोहन

वृंदावन का सबसे पुराना स्थापित मंदिर (सनातन गोस्वामी) — द्वादशादित्य टीले पर 50+ फीट ऊंचा शिखर।

📍 द्वादशादित्य टीला, वृंदावन

12

श्री राधा वल्लभ मंदिर

वृंदावन मंडल · श्री राधा वल्लभ

हित हरिवंश महाप्रभु द्वारा स्थापित — राधा-कृष्ण के अभिन्न स्वरूप की पूजा; राधा जी का विग्रह नहीं, केवल गद्दी व मुकुट।

📍 वृंदावन

13

श्री राधा दामोदर मंदिर

वृंदावन मंडल · श्री राधा दामोदर

जीव गोस्वामी द्वारा स्थापित — श्री कृष्ण के चरण-चिह्न वाली गिरिराज शिला; 4 परिक्रमा से गोवर्धन परिक्रमा का फल।

📍 वृंदावन

14

श्री राधा गोपीनाथ मंदिर

वृंदावन मंडल · श्री राधा गोपीनाथ

मधु पंडित गोस्वामी द्वारा स्थापित अति-प्राचीन मंदिर — सप्त देवालयों में सप्तम।

📍 वृंदावन

15

श्री रंगजी मंदिर

वृंदावन मंडल · भगवान रंगनाथ

दक्षिण भारतीय द्रविड़ शैली (गोपुरम) में बना उत्तर भारत का सबसे बड़ा मंदिर — गरुड़ स्तंभ व स्वर्ण ध्वज स्तंभ।

📍 वृंदावन

16

निधिवन

वृंदावन मंडल · रासलीला स्थल

श्री बांके बिहारी का प्राकट्य स्थल — मान्यता है कि यहाँ आज भी नित्य रासलीला होती है; संध्या आरती के बाद प्रवेश वर्जित।

📍 वृंदावन

17

शाहजी मंदिर

वृंदावन मंडल · श्री राधा-कृष्ण

मार्बल टेम्पल — स्वयंभू ट्विस्टेड पिलर्स (टेढ़े खंभे) के लिए विश्व प्रसिद्ध।

📍 वृंदावन

18

कात्यायनी पीठ

वृंदावन मंडल · माँ कात्यायनी

भारत के 51 सिद्ध शक्तिपीठों में से एक — ब्रज गोपियों ने यहाँ कृष्ण को पति रूप में पाने हेतु तप किया था।

📍 वृंदावन

19

श्री गिरिराज दानघाटी मंदिर

गोवर्धन व राधाकुंड · श्री गिरिराज दानघाटी

जहाँ बाल कृष्ण ने गोपियों से दान (माखन-दही का कर) लिया था — गोवर्धन परिक्रमा का प्रमुख स्थल।

📍 गोवर्धन परिक्रमा मार्ग

20

जतीपुरा श्रीनाथजी व मुखारविंद मंदिर

गोवर्धन व राधाकुंड · श्रीनाथजी मुखारविंद

महाप्रभु वल्लभाचार्य की बैठक व श्रीनाथजी का मूल प्राकट्य स्थल।

📍 जतीपुरा, गोवर्धन

21

राधाकुंड एवं श्यामकुंड

गोवर्धन व राधाकुंड · राधाकुंड / श्यामकुंड

अरिष्टासुर वध के पश्चात श्री राधा-कृष्ण द्वारा अपने कंकणों से निर्मित कुंड — कार्तिक बहुलाष्टमी स्नान का विशेष महत्व।

📍 राधाकुंड, गोवर्धन

22

कुसुम सरोवर व छतरियां

गोवर्धन व राधाकुंड · कुसुम सरोवर

राजा सूरजमल (भरतपुर) द्वारा निर्मित भव्य मराठा-राजपूत स्थापत्य की छतरियां।

📍 गोवर्धन परिक्रमा मार्ग

23

श्री हरदेव मंदिर

गोवर्धन व राधाकुंड · श्री हरदेव जी

गोवर्धन का अति-प्राचीन मंदिर — स्वामी हरिदास जी के पूर्वजों की आराधना स्थली।

📍 गोवर्धन

24

पुंछरी का लोटा

गोवर्धन व राधाकुंड · श्री गिरिराज

गोवर्धन परिक्रमा की दक्षिणी सीमा — कृष्ण के परम मित्र लोटा बाबा का निवास स्थान।

📍 गोवर्धन

25

श्री लाडली जी (राधा रानी) मंदिर

बरसाना, नंदगांव व संकेत धाम · श्री लाडली जी (राधा रानी)

भानुगढ़ पहाड़ी पर स्थित — राजा वृषभानु द्वारा स्थापित; जयपुर-राजस्थानी वास्तुकला।

📍 बरसाना

26

मान मंदिर (गहवरवन)

बरसाना, नंदगांव व संकेत धाम · मान गढ़

जहाँ श्री राधा रानी मान (रूठना) करती थीं — रमेश बाबा जी द्वारा संचालित संरक्षण केंद्र।

📍 बरसाना

27

मोर कुटी

बरसाना, नंदगांव व संकेत धाम · मोर कुटी कुंज

जहाँ राधा जी को प्रसन्न करने हेतु श्री कृष्ण ने मयूर नृत्य किया था।

📍 बरसाना

28

नंद भवन / नंदेश्वर मंदिर

बरसाना, नंदगांव व संकेत धाम · नंद-यशोदा-कृष्ण

नंद बाबा और यशोदा मइया का निज निवास — नंदीश्वर पहाड़ी पर स्थित।

📍 नंदगांव

29

पावन सरोवर

बरसाना, नंदगांव व संकेत धाम · पावन सरोवर

जहाँ नंद बाबा और श्री कृष्ण नित्य स्नान करते थे।

📍 नंदगांव

30

संकेत धाम

बरसाना, नंदगांव व संकेत धाम · संकेत द्वार

बरसाना और नंदगांव के मध्य — राधा-कृष्ण का प्रथम गुप्त मिलन संकेत स्थल।

📍 संकेत

31

रावल (राधा जन्म स्थल)

गोकुल, महावन, रावल व ब्रह्मांड घाट · श्री राधा-माधव

श्री राधा रानी का वास्तविक जन्म स्थान — प्राचीन राधा-माधव विग्रह।

📍 रावल

32

चौरासी खंभा (नंद भवन - महावन)

गोकुल, महावन, रावल व ब्रह्मांड घाट · बाल-कृष्ण

विश्वकर्मा द्वारा निर्मित 84 नक्काशीदार पत्थर स्तंभों पर टिका बाल-कृष्ण का निवास स्थान।

📍 महावन

33

रमण रेती

गोकुल, महावन, रावल व ब्रह्मांड घाट · बाल लीला स्थल

जहाँ बाल कृष्ण और बलराम मिट्टी में लोट-पोट होकर बाल-क्रीड़ा करते थे।

📍 गोकुल

34

ब्रह्मांड घाट

गोकुल, महावन, रावल व ब्रह्मांड घाट · ब्रह्मांड दर्शन स्थल

जहाँ बाल कृष्ण ने माखन खाने के बहाने माता यशोदा को सम्पूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन करवाए।

📍 यमुना तट, महावन

35

चिंताहरण महादेव

गोकुल, महावन, रावल व ब्रह्मांड घाट · चिंताहरण महादेव

यमुना तट का शिव मंदिर — यहाँ माता यशोदा ने बाल कृष्ण की चिंता निवारण हेतु शिव पूजन किया।

📍 महावन

36

भांडीरवन (भांडीर बिहारी व वंशीवट)

भांडीरवन, बेलवन व मानसरोवर · श्री राधा-कृष्ण विवाह स्थल

ब्रह्मा जी की उपस्थिति में श्री राधा-कृष्ण का दिव्य विवाह स्थल।

📍 भांडीरवन

37

बेलवन महालक्ष्मी मंदिर

भांडीरवन, बेलवन व मानसरोवर · महालक्ष्मी

लक्ष्मी जी द्वारा कृष्ण रासलीला देखने हेतु किया गया घोर तप स्थान।

📍 बेलवन

38

मानसरोवर राधाजी मंदिर

भांडीरवन, बेलवन व मानसरोवर · राधा रानी

रासलीला के समय मान करके आई राधा रानी का अश्रु-पूरित सरोवर।

📍 मानसरोवर

39

कामेश्वर महादेव

कामवन, कोकिलावन व सीमावर्ती क्षेत्र · कामेश्वर महादेव

कामवन के रक्षक शिव मंदिर — 84 कोश परिक्रमा का राजस्थान क्षेत्र।

📍 कामवन

40

चौरासी खंभा मंदिर (कामवन)

कामवन, कोकिलावन व सीमावर्ती क्षेत्र · चौरासी खंभा

पाण्डवों के अज्ञातवास कालीन अवशेष — 84 स्तंभों वाला प्राचीन मंदिर।

📍 कामवन

41

भोजन थाली व फिसलनी शिला

कामवन, कोकिलावन व सीमावर्ती क्षेत्र · कृष्ण लीला स्थल

जहाँ कृष्ण अपने सखाओं के साथ बैठकर भोजन करते और पहाड़ियों से फिसलते थे।

📍 कामवन

42

वृंदा देवी मंदिर

कामवन, कोकिलावन व सीमावर्ती क्षेत्र · वृंदा देवी

तुलसी महारानी (वृंदा देवी) का सिद्ध विग्रह।

📍 कामवन

43

कोकिलावन शनिदेव मंदिर

कामवन, कोकिलावन व सीमावर्ती क्षेत्र · शनिदेव

जहाँ कृष्ण ने शनिदेव को कोयल (कोकिल) रूप में दर्शन दिए — प्रसिद्ध प्राचीन शनि मंदिर।

📍 कोकिलावन