॥ ब्रज का हृदय स्थल ॥

मथुरा मंडल

श्री कृष्ण का जन्म स्थान — कंस का कारागार से लेकर विश्राम घाट तक, प्राचीन मथुरा के प्रमुख मंदिर व तीर्थ।

7 विरासत स्थल

1

श्री कृष्ण जन्मभूमि (गर्भ गृह)

श्री कृष्ण बाल स्वरूप

भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य स्थल — कंस का कारागार। आधुनिक व प्राचीन वास्तुकला, अति-सुरक्षित परिसर।

📍 मथुरा शहर केंद्र

2

श्री द्वारकाधीश मंदिर

श्री द्वारकाधीश

राजाधिराज रूप में भगवान कृष्ण की पूजा; 1814 ई. में सेठ गोकुलदास द्वारा निर्मित। राजस्थानी-मराठा स्थापत्य, हिंडोला उत्सव प्रसिद्ध।

📍 विश्राम घाट के निकट

3

विश्राम घाट व यमुना मंदिर

यमुना महारानी

कंस वध के पश्चात भगवान कृष्ण का विश्राम स्थल। लाल बलुआ पत्थर के घाट; नित्य संध्या भव्य यमुना आरती।

📍 यमुना तट

4

दीर्घ विष्णु मंदिर

श्री विष्णु / वामन स्वरूप

मथुरा की चार दिशाओं के रक्षक देवताओं में से एक — प्राचीन वैष्णव पीठ।

📍 मथुरा

5

भूतेश्वर महादेव मंदिर

भूतेश्वर महादेव

मथुरा के चार दिग्पालों में से एक (उत्तर दिशा के रक्षक) — अति-प्राचीन स्वयंभू शिव पीठ।

📍 मथुरा

6

महाविद्या देवी मंदिर

महाविद्या देवी

कंस की कुलदेवी और तंत्र साधना का प्राचीन केंद्र — शक्तिपीठ परंपरा।

📍 मथुरा

7

केशवदेव मंदिर

श्री केशवदेव

मूल जन्मभूमि परिसर के समीप स्थापित प्राचीन मंदिर — गुप्तकालीन व मराठाकालीन अवशेषों पर पुनर्निर्मित।

📍 मथुरा

पूरी मंदिर डायरेक्टरी परिक्रमा मार्गदर्शिका